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Jat status

हिंदूगीरी के बादशाह है हम तलवार हमारी रानी है, दादागिरी तो करते ही है बाकी तेजाजी की मेहरबानी है।।   🙏  भक्त तेजा का   🙏

शहादत व सम्मान

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देश के लिए शहादत देने से बड़ा बलिदान दुनिया में कोई नहीं होता है। कौमे अपने शहीदो को भूल जाती है जो कोमे अपने शहीदो को सम्मान देने से चूक जाती है वो कोमे अपने भविष्य की हिफाजत से चूक जाती है। शहीदो की मजारो पर मेले यू ही नहीं लगते हैं बल्कि ये मेले अपनी नई पीढ़ी को यह जताने का पैगाम होता है कि जब भी वतन की मिट्टी पर कोई खतरा आये तो उसकी सुरक्षा के लिए अपने प्राणो की आहुति देने के लिए हर नागरिक तैयार रहे। यह देश लाखो बलिदान की बुनियाद पर खड़ा है। इस देश को लाखो -करोडो़ जवानो ने अपने खून से सिंचा है जिसकी बदौलत हम " मेरा भारत महान  " सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा "जैसे गीत गुनगुनाने हुए फूलों की तरह खिलते हुए आगे बढ़ने है। इस देश ने सदियों से कई बार करवटें बदली। इस देश की सरजमी पर सैंकड़ों युद्ध लड़के गये। विदेशी आक्रमणों का मुँहतोड़  जवाब दिया गया। कभी कभार कदम डगमगाये भी लेकिन हर बार दुगुने जोश के साथ दुबारा खड़ा हो गया। इस देश की जनता के खून में देश प्रेम कुटकुट कर भरा हुआ है। हम कभी नाकामियो से निराश नहीं हुए। हम कभी हार से नहीं टुटे। हर बार हर हालात का बेहतरी क...

अमर शहीद जगदीश प्रसाद बिशनोई

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शहीद जगदीश प्रसाद बिशनोई का जन्म 15 जनवरी 1981 को बीकानेर की नोखा तहसील के जेगला गांव में श्री अर्जुन राम बिशनोई के घर हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही राजकीय उच्च प्राथमिक विधालय में हुई। उसके पश्चात कक्षा 6 से 12 तक की पढा़ई राजकीय बाबा छोटूनाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय नोखा में हुई। जगदीश शुरू से ही पढाई मे अच्छे थे इसके साथ ही हैंडबाँल व बास्केटबॉल के खिलाड़ी रहे। उन्होने अपनी उच्च शिक्षा राजकीय मांगीलाल बागडी़ महाविधालय नोखा से कला संकाय में पूर्ण की। सन् 2000 में स्नातक करने के पश्चात राजनीति विज्ञान में 2002 मास्टर डिग्री हासिल की। अपने जीवन की पहली ही परीक्षा में सीआरपीएफ कांस्टेबल के रुप में 2003 में चयनित हुए तथा केरल में उन्हें ट्रेनिंग दी गई। इसके पश्चात उन्हें पहली फील्ड पोस्टिंग वैष्णो दैवी मंदिर जम्मू में मिली। केरल में ट्रेनिंग के दौरान अपनी खेल प्रतिभा का अच्छा उदाहरण देते हुए अपनी टीम को विजेता बनाया। 25 जनवरी  2007 को इनका विवाह रचना बिशनोई के साथ हुआ। 2009 से 2011 तक आपकी पोस्टिंग फैजाबाद में रही। 12 फरवरी 2009 को पहली संतान के रुप में पुत्री आस्था का जन्म हु...

अमर शहीद भूपेन्द्र कालीराणा

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अमर शहीद भूपेन्द्र कालीराणा का जन्म जोधपुर जिले की भोपालगढ़ तहसील के बुड़किया गांव में पिता चौधरी श्री डांवर राम के यहां 1 अक्टूबर 1987 को माता मथूरा देवी की पवित्र कोख से हुआ। पूरा परिवार सेना में होने के कारण बचपन से ही सेना में रुची रखने वाले चंचल स्वभाव के भूपेन्द्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बुड़किया से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 9 अक्टूबर 2006 को भारतीय सेना में चयनित हो गए। अपनी सैनिक कुशलता के चलते दक्षिण अफ़्रीका, सूडान में सेवाए दी। 12 मार्च 2011 को गुड्डी के साथ उनका विवाह हुआ था। एक वर्ष के बाद उनके पुत्र सूर्य का जन्म हुआ। भूपेन्द्र के शहीद होने के 7 माह बाद उनके पुत्र प्रकाश का जन्म हुआ।                 जब देश में थी दीवाली             वो खेल रहे थे खून की होली    जब हम बैठे थे घरों में वे  झेल रहे थे गोली। सन् 13 नवम्बर 2012 में आप श्रीनगर के नौ गांव सेक्टर में तैनात थे। उस वक्त दीपावली की रात थी सारा देश जहां दीपोत्सव की खुशियां मना रहा था वही भारत माँ के ये अनमोल बेटे अंधे...

अमर शहीद प्रेम सिंह सारण

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मातृ भूमी की रक्षा के लिए प्राणो की आहुति देने वाले बाड़मेर जिले की गिडा़ तहसील के शहीद प्रेम सिंह सारण ने अपने गाँव शहर का नाम बलिदान स्थलो में दर्ज कर ग्रामवासियो का मस्तक उँचा कर दिया। शहादत और बलिदान जैसे शब्द जहाँ केवल पढे़ सुने ही जाते थे अब ग्रामवासियो के अंतर्मन में बेठ चूके है। शहादत की रोशनी का दीप जलाकर भीड़ में छिपे गाँव शहर को देदीप्यमान करने वाले शहीद प्रेम सिंह सारण का जन्म 10 जनवरी 1990 को चौधरी श्री कुम्भाराम के घर तथा माता श्रीमती पेंपो देवी की पवित्र कोख से हुआ। शहीद के पिता किसान तथा माता ग्रहणी है। तीन भाइयों में शहीद सबसे छोटे थे सबसे बड़ा भाई चेतनराम थे जिनका दुर्भाग्यवश सड़क दुर्घटना में देहान्त हो गया। दुसरा भाई लालाराम वर्तमान में भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। आपकी तीन बहने भीखों देवी, जमना देवी, व सोनी देवी है। बचपन से ही प्रेम सिंह विवेकशील साहसी तथा निडर प्रवृति के थे। भाइयों में सबसे छोटे होने के कारण पिता के सबसे लाडले थे। स्कूली शिक्षा गाँव से ही प्राप्त की। आपने एमडीएसयू विश्वविद्यालय अजमेर से स्नातक में प्रथम वर्ष किया। इसी दौरान अक्टूबर 2011 में आप...

अमर शहीद प्रभु सिंह राठोड़

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कश्मीर की बर्फिली चोटियो पर अपने शौर्य व पराक्रम की गौरव गाथाये अंकित करने वाले मरुधरा के वीरो में से एक प्रभु सिंह राठोड़़ जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के ग्राम खिरजा के रहने वाले थे। शहीद प्रभु सिंह का जन्म 23 नवम्बर 1991 को पिता श्री चन्द्र सिंह राठोड़ के घर माता श्रीमती राजूकंवर की पवित्र कोख से हुआ। चार बहनो रूप कंवर, अनेक कंवर, रेखा कंवर, तथा लक्ष्मी कंवर का इकलौता भाई था। शहीद प्रभु सिंह को सैन्य परम्परा विरासत में मिली थी इनके पिता भूतपूर्व सैनिक हैं। इनकी पाँच पिढि़या मातृभूमि की रक्षा में लगी रही जिनमे से तीन वीरों ने देश के लिए अपने प्राणो की आहुति दी। शहीद के चाचा हरिसिंह भी पूर्व सैनिक रहे हैं। परम्परा को कायम रखते हुए शाहिद प्रभु सिंह ने सेना में जाने का फेसला किया। शहीद स्वभाव मे शांत विवेकशील तथा कार्य में कुशल प्रवृत्ति के थे।स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद 2011 भारतीय सेना में चयन हो गया।13 जुलाई 2013 को आपकी शादी वारांगना ओम कंवर से हुई। आपके दो पुत्रियां पलक 4वर्ष तथा गीता 15 माह की है। सन् 2014 में आप 57 राष्ट्रीय राईफल डेल्टा कंपनी माछिल सेक्टर कूपवाड़ा में तैनात थ...

अमर शहीद नरेन्द्र चौधरी '' स्टील मेन ''

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राष्ट्र प्रेम उनके अन्दर कुट कुट कर भरा था।  हर दिन उनका मौत से सामना होता था। लेकिन मोत को चकमा देकर वो हजारो की जान बचा देते। अपने सेवाकाल में इस बेख़ौफ,  निडर और देश को समर्पित जाबाँज योद्धा ने लाखो लोगो की जान बचाई। '' स्टील मेन '' के नाम से प्रसिद्ध भारत के इस सपूत का पूरा देश कर्जदार है। ऐसे बहादुर,  निडर और जाबांज सिपाही का नाम -शहीद नरेन्द्र चौधरी हैं जिन्होंने अपने जीवन काल में 256 से अधिक बम डिफ्यूज कर लाखो लोगो की जान बचाई। शहीद नरेन्द्र चौधरी का जन्म 20 जनवरी 1968 को पिता श्री अर्जुन राम चौधरी के घर माँ अमरी देवी की कोख से नागौर जिले की लाडनूं तहसील के गांव बादेड़ में हुआ। आपने 12वीं तक की पढाई लाडनूं की महावीर सी. से. स्कूल से की तथा स्नातक आपने जसवंतगढ़ की सुजला काँलेज से पूर्ण की। आप 21 नवम्बर 1987 को 12 जाट रेजिमेंट में भर्ती हुए। सेना में भर्ती होने के 5 साल बाद 1992 में आपकी शादी धर्म पत्नी रूकमणी देवी के साथ संपन्न हुई। आपकी ट्रेनिंग जाट सेन्टर बरेली में हुई। आपने सेवाकाल के दौरान श्रीलंका,सियाचीन,ग्लेशियर,भूटान,अरूणाचल प्रदेश,जमू-कश्मीर,जलपाईगुडी़,लख...