राष्ट्र प्रेम उनके अन्दर कुट कुट कर भरा था। हर दिन उनका मौत से सामना होता था। लेकिन मोत को चकमा देकर वो हजारो की जान बचा देते। अपने सेवाकाल में इस बेख़ौफ, निडर और देश को समर्पित जाबाँज योद्धा ने लाखो लोगो की जान बचाई। '' स्टील मेन '' के नाम से प्रसिद्ध भारत के इस सपूत का पूरा देश कर्जदार है। ऐसे बहादुर, निडर और जाबांज सिपाही का नाम -शहीद नरेन्द्र चौधरी हैं जिन्होंने अपने जीवन काल में 256 से अधिक बम डिफ्यूज कर लाखो लोगो की जान बचाई। शहीद नरेन्द्र चौधरी का जन्म 20 जनवरी 1968 को पिता श्री अर्जुन राम चौधरी के घर माँ अमरी देवी की कोख से नागौर जिले की लाडनूं तहसील के गांव बादेड़ में हुआ। आपने 12वीं तक की पढाई लाडनूं की महावीर सी. से. स्कूल से की तथा स्नातक आपने जसवंतगढ़ की सुजला काँलेज से पूर्ण की। आप 21 नवम्बर 1987 को 12 जाट रेजिमेंट में भर्ती हुए। सेना में भर्ती होने के 5 साल बाद 1992 में आपकी शादी धर्म पत्नी रूकमणी देवी के साथ संपन्न हुई। आपकी ट्रेनिंग जाट सेन्टर बरेली में हुई। आपने सेवाकाल के दौरान श्रीलंका,सियाचीन,ग्लेशियर,भूटान,अरूणाचल प्रदेश,जमू-कश्मीर,जलपाईगुडी़,लख...